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राम मंदिर निर्माण के लिए 21 फरवरी को करेंगे भूमि पूजन: स्वरूपानंद सरस्वती

प्रयागराज। द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने कहा है कि संत 21 फरवरी को अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर का शिलान्यास करेंगे। 500 से ज्यादा साधु-संत अयोध्या पहुंचकर मंदिर निर्माण शुरू करेंगे। प्रयागराज में स्वामी स्वरूपानंद की ओर से बुलाई धर्म संसंद में साधु-संतो ने मंदिर बनाने का फैसला किया गया है। धर्म संसद के खत्म होने पर खुद स्वरूपानंद ने ये ऐलान किया है।

शंकराचार्य ने कहा कि इसके लिए सभी अखाड़ों के संतों से बातचीत हो चुकी है और भूमि पूजन के लिए चार ईंटें भी मंगवाई हैं। स्वरूपानंद ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन शाही स्नान के बाद अयोध्या की तरफ साधुओं की टोली कूच करेगी। स्वरूपानंद के अलावा विश्व हिन्दू परिषद ने 31 जनवरी और 1 फरवरी को धर्म संसद बुलाई है। अयोध्या मसला: गैर विवादित जमीन लौटाने से और जटिल हो जाएगा मूल विवाद शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती की ओर से जारी इस बयान में कहा गया है कि आंदोलन के इस पहले चरण में हिंदुओं की मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए 21 फरवरी 2019 की तारीख तय की गई है। बसंत पंचमी के बाद हम प्रयागराज से अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगे। उसके लिए हमें अगर गोली खानी पड़े या जेल जाना पड़े, हम पीछे नहीं हटेंगे। अगर सरकार रोकने की कोशिश करे तो हम सारी हिंदू जनता को धर्मादेश जारी करते हैं कि जब तक मंदिर निर्माण नहीं हो जाता, तब तक हर हिंदू का यह कर्तव्य होगा कि वह गिरफ्तारी देनी हो तो गिरफ्तारी दें। यह आंदोलन तब तक चलेगा जब तक रामजन्म भूमि हिंदुओं को सौंप नहीं दी जाती और उस पर हम मंदिर का निर्माण नहीं कर लेते।

बता दें      कि अयोध्या में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद में जमीन बंटवारे का मुकदमा सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। वहीं कई संत, भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेता और दक्षिणपंथी संगठन लगातार ये कह रहे हैं कि वो अदालत की सुनवाई से खुश नहीं हैं और दूसरा तरीका अपनाकर मंदिर बनाया जाए।

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