Breaking News
Home / BANNER / ग्वालियर के माधव अंध आश्राम में 48 घंटो से नहीं मिला नेत्रहीन छात्रो को खाना

ग्वालियर के माधव अंध आश्राम में 48 घंटो से नहीं मिला नेत्रहीन छात्रो को खाना

ग्वालियर में 48 घंटो से माधव अंध आश्राम के छात्रों को खाना नही मिला है। नेत्रहीन छात्र भूख से तड़प रहे है, तो वही बासी खाना परोसने का आरोप लगा रहे है। ऐसे में आश्राम प्रबंधन ये कहकर मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश में लगा है कि मामला वार्डन और छात्रों के बीच आपसी विवाद का है। ऐसे में समाजिक न्याय विभाग के आधिकारी भी मौके पर पहुंच गए है…. जो मामले की जांच करने में जुटे हुए है..।
ग्वालियर के माधव अंधाश्रम में बुधवार को एक बार फिर उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया। जब यहां रहने वाले नेत्रहीनों को प्रबंधन ने बासी खाना खिलाने की कोशिश की…. बासी खाना परोसने से गुस्साए अंधाश्राम के नेत्रहीन छात्रों ने भूख हड़ताल शुरु कर दी। बच्चों का आरोप है कि मंगलवार को किसी वैवाहिक समारोह का बचा हुआ भोजन पहुंचा था। जिसे परोसा गया, एक निवाला खाने के बाद जब भोजन खराब लगा…. तो बच्चों ने शिकायत की। बाद में देर रात बच्चों के लिए खाना बनवाया गया। लेकिन आज सुबह फिर से बासी खाना परोसने की कोशिश की गई तो बच्चों ने हंगामा खड़ा कर दिया….।
आश्रम में नेत्रहीन छात्रों की हंगामे की खबर लगते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे  है। अधिकारियो ने छात्रों से बातचीत की तो उन्होंने वार्डन की शिकायत की। बच्चों का आरोप था कि वार्डन अक्सर शादी-समारोह का आया हुआ  बासी खाना खिलाने पर आमदा रहती है। मामले को सुनने के बाद अधिकारियों ने वार्डन को हटाने का निर्णय लिया और छात्रों को समझाइश दी। वहीं वार्डन का कहना है कि आश्राम का ही कुछ स्टॉफ उन्हें हटाना चाहता है, इसलिए उन्होनें बच्चों को मेरे खिलाफ भड़का दिया है…..।
ये कोई पहला मौका नही है….  जब माधव अंधाश्रम में रहने वाले नेत्रहीनों को अव्यवस्थाओं और बदसलूकी का शिकार होना पड़ा है, पहले भी बच्चों को कई बार भूखे रहना पड़ा था। बावजूद इसके आश्राम के स्टॉफ की कारगुजारियां नेत्रहीन बच्चों के प्रीति कम होने का नाम नही ले रही है….।

About admin

Check Also

ब्राम्हण व क्षत्रीय महासभा ने आरक्षण खत्म करने के लिये ज्ञापन

ग्वालियर। अखिल भारतीय ब्राम्हण महासभा रा., क्षत्रीय महासभा, करणी सेना व अन्य सवर्ण समाज की …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *