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धर्म की लड़ाई में चली गई इंस्पेक्टर सुबोध की जान

यूपी के बुलंदशहर में गोकशी की खबर पर भड़की हिंसा में यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की जान चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो बवाल के दौरान भीड़ ने इंस्पेक्टर सुबोध को घेरकर उनके ऊपर हमला किया। पुलिस ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की है, जिनमें 27 लोगों के खिलाफ नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा है कि इस मामले की भी जांच SIT द्वारा हो रही है। जाँच में सभी बिन्दुओ को देखते हुए यह भी देखा जा रहा है कि पुलिसकर्मियों ने इंस्पेक्टर सुबोध को अकेला क्यों छोड़ा।
‘कल किसके पिता की जाऩ जाएगी…’
अपने पिता इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत पर उनके बेटे अभिषेक ने कहा, ‘मेरे पिता मुझे एक ऐसा नागरिक बनाना चाहते थे, जो समाज में धर्म के नाम पर हिंसा को बढ़ावा ना देता हो। आज इस हिंदू मुस्लिम फसाद में मेरे पिता की जान गई है।
 कल किसके पिता की जाऩ जाएगी?’
सोमवार को बुलंदशहर के स्याना इलाके में गोकशी की खबर पर हिंदू संगठनों के लोग सड़कों पर उतर आए थे। गुस्साई भीड़ ने सड़क पर जाम लगाते हुए गाड़ियों में तोड़फोड़ की और पुलिस पर भी हमला किया। भीड़ के हमले में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की जान चली गई। इस मामले में एसआईटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
इंस्पेक्टर सुबोध को अकेला क्यों छोड़ा
 भीड़ की हिंसा का शिकार हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह 2015 में दादरी में मॉब लिंचिंग में मारे गए अखलाक मामले में भी जांच अधिकारी थे। मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने मीडिया के सामने कहा कि इस बात की जांच की जाएगी कि पुलिसकर्मियों ने इंस्पेक्टर सुबोध को भीड़ के बीच अकेला क्यों छोड़ा। वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले की एसआईटी जांच के आदेश देते हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिजनों के लिए 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर दुख जाहिर करते हुए दो दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश जारी किया है।
‘300 से 500 के बीच थी भीड़’
इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत गोली लगने से बताई गई है। वहीं, मौके पर मौजूद पुलिस इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने घटना के बार में बताया कि उग्र भीड़ ने सड़क जाम कर दी थी और वो लोग पुलिस टीम पर पत्थरबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की संख्या 300 से 500 के बीच बताई जा रही है। इस हमले में इंस्पेक्टर सुरेश कुमार को भी चोट आई है। पुलिस ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की हैं, पहली- अवैध गोकशी को लेकर और दूसरी भीड़ के हिंसक प्रदर्शन को लेकर। मामले में अभी तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुके है। एहतियात के तौर पर बुलंदशहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि दोषी लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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